CrPC → BNSS
CrPC 220 BNSS में: धारा 243
Trial for more than one offence
CrPC
220
BNSS
243
दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 के अंतर्गत धारा 220 "Trial for more than one offence" से संबंधित थी। 1 जुलाई 2024 से इसका समकक्ष प्रावधान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 243 है। यह आधिकारिक संगति है — सटीक वर्तमान पाठ हेतु सदैव मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
यह पृष्ठ केवल आधिकारिक धारा-संख्या संगति देता है। सटीक पाठ या प्रक्रियात्मक प्रभावों हेतु निर्भर होने से पूर्व मूल अधिनियम देखें या वकील से पूछें।
आधिकारिक स्रोत
स्रोत: NCRB Sankalan Portal — official CrPC/BNSS Section Table. सत्यापन दिनांक 2026-07-20. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- CrPC धारा 220 का BNSS समकक्ष क्या है?
- आधिकारिक तुलनात्मक तालिका के अनुसार, CrPC धारा 220 (Trial for more than one offence) भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 243 से मेल खाती है।
- यह परिवर्तन कब लागू हुआ?
- यह प्रतिस्थापन 1 जुलाई 2024 से लागू हुआ। उस तिथि से पहले दर्ज मामले दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 के अंतर्गत ही चलते रहते हैं।
निकटवर्ती धाराएँ
- CrPC 216 → BNSS 239 · Court may alter charge
- CrPC 217 → BNSS 240 · Recall of witnesses when charge altered
- CrPC 218 → BNSS 241 · Separate charges for distinct offences
- CrPC 219 → BNSS 242 · Offences of same kind within year may be charged together
- CrPC 221 → BNSS 244 · Where it is doubtful what offence has been committed
- CrPC 222 → BNSS 245 · When offence proved included in offence charged
- CrPC 223 → BNSS 246 · What persons may be charged jointly
- CrPC 224 → BNSS 247 · Withdrawal of remaining charges on conviction on one of several charges