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CrPC 235 BNSS में: धारा 258
Judgment of acquittal or conviction
CrPC
235
BNSS
258
दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 के अंतर्गत धारा 235 "Judgment of acquittal or conviction" से संबंधित थी। 1 जुलाई 2024 से इसका समकक्ष प्रावधान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 258 है। यह आधिकारिक संगति है — सटीक वर्तमान पाठ हेतु सदैव मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
यह पृष्ठ केवल आधिकारिक धारा-संख्या संगति देता है। सटीक पाठ या प्रक्रियात्मक प्रभावों हेतु निर्भर होने से पूर्व मूल अधिनियम देखें या वकील से पूछें।
आधिकारिक स्रोत
स्रोत: NCRB Sankalan Portal — official CrPC/BNSS Section Table. सत्यापन दिनांक 2026-07-20. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- CrPC धारा 235 का BNSS समकक्ष क्या है?
- आधिकारिक तुलनात्मक तालिका के अनुसार, CrPC धारा 235 (Judgment of acquittal or conviction) भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 258 से मेल खाती है।
- यह परिवर्तन कब लागू हुआ?
- यह प्रतिस्थापन 1 जुलाई 2024 से लागू हुआ। उस तिथि से पहले दर्ज मामले दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 के अंतर्गत ही चलते रहते हैं।
निकटवर्ती धाराएँ
- CrPC 231 → BNSS 254 · Evidence for prosecution
- CrPC 232 → BNSS 255 · Acquittal
- CrPC 233 → BNSS 256 · Entering upon defence
- CrPC 234 → BNSS 257 · Arguments
- CrPC 236 → BNSS 259 · Previous conviction
- CrPC 237 → BNSS 260 · Procedure in cases instituted under section 222
- CrPC 238 → BNSS 261 · Compliance with section 230
- CrPC 239 → BNSS 262 · When accused shall be discharged