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CrPC 362 BNSS में: धारा 403
Court not to alter judgment
CrPC
362
BNSS
403
दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 के अंतर्गत धारा 362 "Court not to alter judgment" से संबंधित थी। 1 जुलाई 2024 से इसका समकक्ष प्रावधान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 403 है। यह आधिकारिक संगति है — सटीक वर्तमान पाठ हेतु सदैव मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
यह पृष्ठ केवल आधिकारिक धारा-संख्या संगति देता है। सटीक पाठ या प्रक्रियात्मक प्रभावों हेतु निर्भर होने से पूर्व मूल अधिनियम देखें या वकील से पूछें।
आधिकारिक स्रोत
स्रोत: NCRB Sankalan Portal — official CrPC/BNSS Section Table. सत्यापन दिनांक 2026-07-20. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- CrPC धारा 362 का BNSS समकक्ष क्या है?
- आधिकारिक तुलनात्मक तालिका के अनुसार, CrPC धारा 362 (Court not to alter judgment) भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 403 से मेल खाती है।
- यह परिवर्तन कब लागू हुआ?
- यह प्रतिस्थापन 1 जुलाई 2024 से लागू हुआ। उस तिथि से पहले दर्ज मामले दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 के अंतर्गत ही चलते रहते हैं।
निकटवर्ती धाराएँ
- CrPC 358 → BNSS 399 · Compensation to persons groundlessly arrested
- CrPC 359 → BNSS 400 · Order to pay costs in non-cognizable cases
- CrPC 360 → BNSS 401 · Order to release on probation of good conduct or after admonition
- CrPC 361 → BNSS 402 · Special reasons to be recorded in certain cases
- CrPC 363 → BNSS 404 · Copy of judgment to be given to accused and other persons
- CrPC 364 → BNSS 405 · Judgment when to be translated
- CrPC 365 → BNSS 406 · Court of Session to send copy of finding and sentence to District Magistrate
- CrPC 366 → BNSS 407 · Sentence of death to be submitted by Court of Session for confirmation