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CrPC 465 BNSS में: धारा 511
Finding or sentence when reversible by reason of error, omission or irregularity
CrPC
465
BNSS
511
दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 के अंतर्गत धारा 465 "Finding or sentence when reversible by reason of error, omission or irregularity" से संबंधित थी। 1 जुलाई 2024 से इसका समकक्ष प्रावधान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 511 है। यह आधिकारिक संगति है — सटीक वर्तमान पाठ हेतु सदैव मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
यह पृष्ठ केवल आधिकारिक धारा-संख्या संगति देता है। सटीक पाठ या प्रक्रियात्मक प्रभावों हेतु निर्भर होने से पूर्व मूल अधिनियम देखें या वकील से पूछें।
आधिकारिक स्रोत
स्रोत: NCRB Sankalan Portal — official CrPC/BNSS Section Table. सत्यापन दिनांक 2026-07-20. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- CrPC धारा 465 का BNSS समकक्ष क्या है?
- आधिकारिक तुलनात्मक तालिका के अनुसार, CrPC धारा 465 (Finding or sentence when reversible by reason of error, omission or irregularity) भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 511 से मेल खाती है।
- यह परिवर्तन कब लागू हुआ?
- यह प्रतिस्थापन 1 जुलाई 2024 से लागू हुआ। उस तिथि से पहले दर्ज मामले दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 के अंतर्गत ही चलते रहते हैं।
निकटवर्ती धाराएँ
- CrPC 461 → BNSS 507 · Irregularities which vitiate proceedings
- CrPC 462 → BNSS 508 · Proceedings in wrong place
- CrPC 463 → BNSS 509 · Non-compliance with provisions of section 183 or section 316
- CrPC 464 → BNSS 510 · Effect of omission to frame, or absence of, or error in, charge
- CrPC 466 → BNSS 512 · Defect or error not to make attachment unlawful
- CrPC 467 → BNSS 513 · Definitions
- CrPC 468 → BNSS 514 · Bar to taking cognizance after lapse of period of limitation
- CrPC 469 → BNSS 515 · Commencement of period of limitation