IEA → BSA
IEA 38 BSA में: धारा 32
Law book statements relevancy
IEA
38
BSA
32
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872 के अंतर्गत धारा 38 "Law book statements relevancy" से संबंधित थी। 1 जुलाई 2024 से इसका समकक्ष प्रावधान भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 32 है। यह आधिकारिक संगति है — सटीक वर्तमान पाठ हेतु सदैव मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
यह पृष्ठ केवल आधिकारिक धारा-संख्या संगति देता है। सटीक पाठ या प्रक्रियात्मक प्रभावों हेतु निर्भर होने से पूर्व मूल अधिनियम देखें या वकील से पूछें।
आधिकारिक स्रोत
स्रोत: NCRB Sankalan Portal — official Evidence Act/BSA Section Table. सत्यापन दिनांक 2026-07-20. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- IEA धारा 38 का BSA समकक्ष क्या है?
- आधिकारिक तुलनात्मक तालिका के अनुसार, IEA धारा 38 (Law book statements relevancy) भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 32 से मेल खाती है।
- यह परिवर्तन कब लागू हुआ?
- यह प्रतिस्थापन 1 जुलाई 2024 से लागू हुआ। उस तिथि से पहले दर्ज मामले भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872 के अंतर्गत ही चलते रहते हैं।
निकटवर्ती धाराएँ
- IEA 34 → BSA 28 · Account book entries relevancy
- IEA 35 → BSA 29 · Public record entry relevancy
- IEA 36 → BSA 30 · Maps, charts, plans statements
- IEA 37 → BSA 31 · Public fact statements relevancy
- IEA 39 → BSA 33 · Statement part evidence requirements
- IEA 40 → BSA 34 · Previous judgment bar relevancy
- IEA 41 → BSA 35 · Probate jurisdiction judgments
- IEA 42 → BSA 36 · Other judgment relevancy and effect