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CrPC 264 BNSS में: धारा 287
Judgment in cases tried summarily
CrPC
264
BNSS
287
दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 के अंतर्गत धारा 264 "Judgment in cases tried summarily" से संबंधित थी। 1 जुलाई 2024 से इसका समकक्ष प्रावधान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 287 है। यह आधिकारिक संगति है — सटीक वर्तमान पाठ हेतु सदैव मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
यह पृष्ठ केवल आधिकारिक धारा-संख्या संगति देता है। सटीक पाठ या प्रक्रियात्मक प्रभावों हेतु निर्भर होने से पूर्व मूल अधिनियम देखें या वकील से पूछें।
आधिकारिक स्रोत
स्रोत: NCRB Sankalan Portal — official CrPC/BNSS Section Table. सत्यापन दिनांक 2026-07-20. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- CrPC धारा 264 का BNSS समकक्ष क्या है?
- आधिकारिक तुलनात्मक तालिका के अनुसार, CrPC धारा 264 (Judgment in cases tried summarily) भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 287 से मेल खाती है।
- यह परिवर्तन कब लागू हुआ?
- यह प्रतिस्थापन 1 जुलाई 2024 से लागू हुआ। उस तिथि से पहले दर्ज मामले दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 के अंतर्गत ही चलते रहते हैं।
निकटवर्ती धाराएँ
- CrPC 260 → BNSS 283 · Power to try summarily
- CrPC 261 → BNSS 284 · Summary trial by Magistrate of second class
- CrPC 262 → BNSS 285 · Procedure for summary trials
- CrPC 263 → BNSS 286 · Record in summary trials
- CrPC 265 → BNSS 288 · Language of record and judgment
- CrPC 265A → BNSS 289 · Application of Chapter
- CrPC 265B → BNSS 290 · Application for plea bargaining
- CrPC 265C → BNSS 291 · Guidelines for mutually satisfactory disposition