CrPC → BNSS
CrPC 265C BNSS में: धारा 291
Guidelines for mutually satisfactory disposition
CrPC
265C
BNSS
291
दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 के अंतर्गत धारा 265C "Guidelines for mutually satisfactory disposition" से संबंधित थी। 1 जुलाई 2024 से इसका समकक्ष प्रावधान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 291 है। यह आधिकारिक संगति है — सटीक वर्तमान पाठ हेतु सदैव मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
यह पृष्ठ केवल आधिकारिक धारा-संख्या संगति देता है। सटीक पाठ या प्रक्रियात्मक प्रभावों हेतु निर्भर होने से पूर्व मूल अधिनियम देखें या वकील से पूछें।
आधिकारिक स्रोत
स्रोत: NCRB Sankalan Portal — official CrPC/BNSS Section Table. सत्यापन दिनांक 2026-07-20. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- CrPC धारा 265C का BNSS समकक्ष क्या है?
- आधिकारिक तुलनात्मक तालिका के अनुसार, CrPC धारा 265C (Guidelines for mutually satisfactory disposition) भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 291 से मेल खाती है।
- यह परिवर्तन कब लागू हुआ?
- यह प्रतिस्थापन 1 जुलाई 2024 से लागू हुआ। उस तिथि से पहले दर्ज मामले दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 के अंतर्गत ही चलते रहते हैं।
निकटवर्ती धाराएँ
- CrPC 264 → BNSS 287 · Judgment in cases tried summarily
- CrPC 265 → BNSS 288 · Language of record and judgment
- CrPC 265A → BNSS 289 · Application of Chapter
- CrPC 265B → BNSS 290 · Application for plea bargaining
- CrPC 265D → BNSS 292 · Report of mutually satisfactory disposition to be submitted before Court
- CrPC 265E → BNSS 293 · Disposal of case
- CrPC 265F → BNSS 294 · Judgment of Court
- CrPC 265G → BNSS 295 · Finality of judgment