CrPC → BNSS
CrPC 265K BNSS में: धारा 299
Statements of accused not to be used
CrPC
265K
BNSS
299
दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 के अंतर्गत धारा 265K "Statements of accused not to be used" से संबंधित थी। 1 जुलाई 2024 से इसका समकक्ष प्रावधान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 299 है। यह आधिकारिक संगति है — सटीक वर्तमान पाठ हेतु सदैव मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
यह पृष्ठ केवल आधिकारिक धारा-संख्या संगति देता है। सटीक पाठ या प्रक्रियात्मक प्रभावों हेतु निर्भर होने से पूर्व मूल अधिनियम देखें या वकील से पूछें।
आधिकारिक स्रोत
स्रोत: NCRB Sankalan Portal — official CrPC/BNSS Section Table. सत्यापन दिनांक 2026-07-20. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- CrPC धारा 265K का BNSS समकक्ष क्या है?
- आधिकारिक तुलनात्मक तालिका के अनुसार, CrPC धारा 265K (Statements of accused not to be used) भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 299 से मेल खाती है।
- यह परिवर्तन कब लागू हुआ?
- यह प्रतिस्थापन 1 जुलाई 2024 से लागू हुआ। उस तिथि से पहले दर्ज मामले दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 के अंतर्गत ही चलते रहते हैं।
निकटवर्ती धाराएँ
- CrPC 265G → BNSS 295 · Finality of judgment
- CrPC 265H → BNSS 296 · Power of Court in plea bargaining
- CrPC 265-I → BNSS 297 · Period of detention undergone by accused to be set off against sentence of imprisonment
- CrPC 265J → BNSS 298 · Savings
- CrPC 265L → BNSS 300 · Non-application of Chapter
- CrPC 266 → BNSS 301 · Definitions
- CrPC 267 → BNSS 302 · Power to require attendance of prisoners
- CrPC 268 → BNSS 303 · Power of State Government to exclude certain persons from operation of section 267