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CrPC 265G BNSS में: धारा 295
Finality of judgment
CrPC
265G
BNSS
295
दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 के अंतर्गत धारा 265G "Finality of judgment" से संबंधित थी। 1 जुलाई 2024 से इसका समकक्ष प्रावधान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 295 है। यह आधिकारिक संगति है — सटीक वर्तमान पाठ हेतु सदैव मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
यह पृष्ठ केवल आधिकारिक धारा-संख्या संगति देता है। सटीक पाठ या प्रक्रियात्मक प्रभावों हेतु निर्भर होने से पूर्व मूल अधिनियम देखें या वकील से पूछें।
आधिकारिक स्रोत
स्रोत: NCRB Sankalan Portal — official CrPC/BNSS Section Table. सत्यापन दिनांक 2026-07-20. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- CrPC धारा 265G का BNSS समकक्ष क्या है?
- आधिकारिक तुलनात्मक तालिका के अनुसार, CrPC धारा 265G (Finality of judgment) भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 295 से मेल खाती है।
- यह परिवर्तन कब लागू हुआ?
- यह प्रतिस्थापन 1 जुलाई 2024 से लागू हुआ। उस तिथि से पहले दर्ज मामले दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 के अंतर्गत ही चलते रहते हैं।
निकटवर्ती धाराएँ
- CrPC 265C → BNSS 291 · Guidelines for mutually satisfactory disposition
- CrPC 265D → BNSS 292 · Report of mutually satisfactory disposition to be submitted before Court
- CrPC 265E → BNSS 293 · Disposal of case
- CrPC 265F → BNSS 294 · Judgment of Court
- CrPC 265H → BNSS 296 · Power of Court in plea bargaining
- CrPC 265-I → BNSS 297 · Period of detention undergone by accused to be set off against sentence of imprisonment
- CrPC 265J → BNSS 298 · Savings
- CrPC 265K → BNSS 299 · Statements of accused not to be used