CrPC → BNSS
CrPC 298 BNSS में: धारा 334
Previous conviction or acquittal how proved
CrPC
298
BNSS
334
दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 के अंतर्गत धारा 298 "Previous conviction or acquittal how proved" से संबंधित थी। 1 जुलाई 2024 से इसका समकक्ष प्रावधान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 334 है। यह आधिकारिक संगति है — सटीक वर्तमान पाठ हेतु सदैव मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
यह पृष्ठ केवल आधिकारिक धारा-संख्या संगति देता है। सटीक पाठ या प्रक्रियात्मक प्रभावों हेतु निर्भर होने से पूर्व मूल अधिनियम देखें या वकील से पूछें।
आधिकारिक स्रोत
स्रोत: NCRB Sankalan Portal — official CrPC/BNSS Section Table. सत्यापन दिनांक 2026-07-20. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- CrPC धारा 298 का BNSS समकक्ष क्या है?
- आधिकारिक तुलनात्मक तालिका के अनुसार, CrPC धारा 298 (Previous conviction or acquittal how proved) भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 334 से मेल खाती है।
- यह परिवर्तन कब लागू हुआ?
- यह प्रतिस्थापन 1 जुलाई 2024 से लागू हुआ। उस तिथि से पहले दर्ज मामले दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 के अंतर्गत ही चलते रहते हैं।
निकटवर्ती धाराएँ
- CrPC 294 → BNSS 330 · No formal proof of certain documents
- CrPC 295 → BNSS 331 · Affidavit in proof of conduct of public servants
- CrPC 296 → BNSS 332 · Evidence of formal character on affidavit
- CrPC 297 → BNSS 333 · Authorities before whom affidavits may be sworn
- CrPC 299 → BNSS 335 · Record of evidence in absence of accused
- CrPC 300 → BNSS 337 · Person once convicted or acquitted not to be tried for same offence
- CrPC 301 → BNSS 338 · Appearance by Public Prosecutors