CrPC → BNSS
CrPC 300 BNSS में: धारा 337
Person once convicted or acquitted not to be tried for same offence
CrPC
300
BNSS
337
दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 के अंतर्गत धारा 300 "Person once convicted or acquitted not to be tried for same offence" से संबंधित थी। 1 जुलाई 2024 से इसका समकक्ष प्रावधान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 337 है। यह आधिकारिक संगति है — सटीक वर्तमान पाठ हेतु सदैव मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
यह पृष्ठ केवल आधिकारिक धारा-संख्या संगति देता है। सटीक पाठ या प्रक्रियात्मक प्रभावों हेतु निर्भर होने से पूर्व मूल अधिनियम देखें या वकील से पूछें।
आधिकारिक स्रोत
स्रोत: NCRB Sankalan Portal — official CrPC/BNSS Section Table. सत्यापन दिनांक 2026-07-20. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- CrPC धारा 300 का BNSS समकक्ष क्या है?
- आधिकारिक तुलनात्मक तालिका के अनुसार, CrPC धारा 300 (Person once convicted or acquitted not to be tried for same offence) भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 337 से मेल खाती है।
- यह परिवर्तन कब लागू हुआ?
- यह प्रतिस्थापन 1 जुलाई 2024 से लागू हुआ। उस तिथि से पहले दर्ज मामले दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 के अंतर्गत ही चलते रहते हैं।
निकटवर्ती धाराएँ
- CrPC 297 → BNSS 333 · Authorities before whom affidavits may be sworn
- CrPC 298 → BNSS 334 · Previous conviction or acquittal how proved
- CrPC 299 → BNSS 335 · Record of evidence in absence of accused
- CrPC 301 → BNSS 338 · Appearance by Public Prosecutors
- CrPC 302 → BNSS 339 · Permission to conduct prosecution
- CrPC 303 → BNSS 340 · Right of person against whom proceedings are instituted to be defended
- CrPC 304 → BNSS 341 · Legal aid to accused at State expense in certain cases