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CrPC 31 BNSS में: धारा 25
Sentence in cases of conviction of several offences at one trial
CrPC
31
BNSS
25
दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 के अंतर्गत धारा 31 "Sentence in cases of conviction of several offences at one trial" से संबंधित थी। 1 जुलाई 2024 से इसका समकक्ष प्रावधान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 25 है। यह आधिकारिक संगति है — सटीक वर्तमान पाठ हेतु सदैव मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
यह पृष्ठ केवल आधिकारिक धारा-संख्या संगति देता है। सटीक पाठ या प्रक्रियात्मक प्रभावों हेतु निर्भर होने से पूर्व मूल अधिनियम देखें या वकील से पूछें।
आधिकारिक स्रोत
स्रोत: NCRB Sankalan Portal — official CrPC/BNSS Section Table. सत्यापन दिनांक 2026-07-20. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- CrPC धारा 31 का BNSS समकक्ष क्या है?
- आधिकारिक तुलनात्मक तालिका के अनुसार, CrPC धारा 31 (Sentence in cases of conviction of several offences at one trial) भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 25 से मेल खाती है।
- यह परिवर्तन कब लागू हुआ?
- यह प्रतिस्थापन 1 जुलाई 2024 से लागू हुआ। उस तिथि से पहले दर्ज मामले दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 के अंतर्गत ही चलते रहते हैं।
निकटवर्ती धाराएँ
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- CrPC 28 → BNSS 22 · Sentences which High Courts and Sessions Judges may pass
- CrPC 29 → BNSS 23 · Sentences which Magistrates may pass
- CrPC 30 → BNSS 24 · Sentence of imprisonment in default of fine
- CrPC 32 → BNSS 26 · Mode of conferring powers
- CrPC 33 → BNSS 27 · Powers of officers appointed
- CrPC 34 → BNSS 28 · Withdrawal of powers
- CrPC 35 → BNSS 29 · Powers of Judges and Magistrates exercisable by successors-in-office