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CrPC 35 BNSS में: धारा 29
Powers of Judges and Magistrates exercisable by successors-in-office
CrPC
35
BNSS
29
दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 के अंतर्गत धारा 35 "Powers of Judges and Magistrates exercisable by successors-in-office" से संबंधित थी। 1 जुलाई 2024 से इसका समकक्ष प्रावधान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 29 है। यह आधिकारिक संगति है — सटीक वर्तमान पाठ हेतु सदैव मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
यह पृष्ठ केवल आधिकारिक धारा-संख्या संगति देता है। सटीक पाठ या प्रक्रियात्मक प्रभावों हेतु निर्भर होने से पूर्व मूल अधिनियम देखें या वकील से पूछें।
आधिकारिक स्रोत
स्रोत: NCRB Sankalan Portal — official CrPC/BNSS Section Table. सत्यापन दिनांक 2026-07-20. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- CrPC धारा 35 का BNSS समकक्ष क्या है?
- आधिकारिक तुलनात्मक तालिका के अनुसार, CrPC धारा 35 (Powers of Judges and Magistrates exercisable by successors-in-office) भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 29 से मेल खाती है।
- यह परिवर्तन कब लागू हुआ?
- यह प्रतिस्थापन 1 जुलाई 2024 से लागू हुआ। उस तिथि से पहले दर्ज मामले दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 के अंतर्गत ही चलते रहते हैं।
निकटवर्ती धाराएँ
- CrPC 31 → BNSS 25 · Sentence in cases of conviction of several offences at one trial
- CrPC 32 → BNSS 26 · Mode of conferring powers
- CrPC 33 → BNSS 27 · Powers of officers appointed
- CrPC 34 → BNSS 28 · Withdrawal of powers
- CrPC 36 → BNSS 30 · Powers of superior officers of police
- CrPC 37 → BNSS 31 · Public when to assist Magistrates and police
- CrPC 38 → BNSS 32 · Aid to person other than police officer executing warrant
- CrPC 39 → BNSS 33 · Public to give information of certain offences