CrPC → BNSS
CrPC 441 BNSS में: धारा 485
Bond of accused and sureties
CrPC
441
BNSS
485
दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 के अंतर्गत धारा 441 "Bond of accused and sureties" से संबंधित थी। 1 जुलाई 2024 से इसका समकक्ष प्रावधान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 485 है। यह आधिकारिक संगति है — सटीक वर्तमान पाठ हेतु सदैव मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
यह पृष्ठ केवल आधिकारिक धारा-संख्या संगति देता है। सटीक पाठ या प्रक्रियात्मक प्रभावों हेतु निर्भर होने से पूर्व मूल अधिनियम देखें या वकील से पूछें।
आधिकारिक स्रोत
स्रोत: NCRB Sankalan Portal — official CrPC/BNSS Section Table. सत्यापन दिनांक 2026-07-20. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- CrPC धारा 441 का BNSS समकक्ष क्या है?
- आधिकारिक तुलनात्मक तालिका के अनुसार, CrPC धारा 441 (Bond of accused and sureties) भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 485 से मेल खाती है।
- यह परिवर्तन कब लागू हुआ?
- यह प्रतिस्थापन 1 जुलाई 2024 से लागू हुआ। उस तिथि से पहले दर्ज मामले दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 के अंतर्गत ही चलते रहते हैं।
निकटवर्ती धाराएँ
- CrPC 437A → BNSS 481 · Bail to require accused to appear before next appellate Court
- CrPC 438 → BNSS 482 · Direction for grant of bail to person apprehending arrest
- CrPC 439 → BNSS 483 · Special powers of High Court or Court of Session regarding bail
- CrPC 440 → BNSS 484 · Amount of bond and reduction thereof
- CrPC 441A → BNSS 486 · Declaration by sureties
- CrPC 442 → BNSS 487 · Discharge from custody
- CrPC 443 → BNSS 488 · Power to order sufficient bail when that first taken is insufficient
- CrPC 444 → BNSS 489 · Discharge of sureties