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CrPC 443 BNSS में: धारा 488
Power to order sufficient bail when that first taken is insufficient
CrPC
443
BNSS
488
दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 के अंतर्गत धारा 443 "Power to order sufficient bail when that first taken is insufficient" से संबंधित थी। 1 जुलाई 2024 से इसका समकक्ष प्रावधान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 488 है। यह आधिकारिक संगति है — सटीक वर्तमान पाठ हेतु सदैव मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
यह पृष्ठ केवल आधिकारिक धारा-संख्या संगति देता है। सटीक पाठ या प्रक्रियात्मक प्रभावों हेतु निर्भर होने से पूर्व मूल अधिनियम देखें या वकील से पूछें।
आधिकारिक स्रोत
स्रोत: NCRB Sankalan Portal — official CrPC/BNSS Section Table. सत्यापन दिनांक 2026-07-20. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- CrPC धारा 443 का BNSS समकक्ष क्या है?
- आधिकारिक तुलनात्मक तालिका के अनुसार, CrPC धारा 443 (Power to order sufficient bail when that first taken is insufficient) भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 488 से मेल खाती है।
- यह परिवर्तन कब लागू हुआ?
- यह प्रतिस्थापन 1 जुलाई 2024 से लागू हुआ। उस तिथि से पहले दर्ज मामले दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 के अंतर्गत ही चलते रहते हैं।
निकटवर्ती धाराएँ
- CrPC 440 → BNSS 484 · Amount of bond and reduction thereof
- CrPC 441 → BNSS 485 · Bond of accused and sureties
- CrPC 441A → BNSS 486 · Declaration by sureties
- CrPC 442 → BNSS 487 · Discharge from custody
- CrPC 444 → BNSS 489 · Discharge of sureties
- CrPC 445 → BNSS 490 · Deposit instead of recognizance
- CrPC 446 → BNSS 491 · Procedure when bond has been forfeited
- CrPC 446A → BNSS 492 · Cancellation of bond and bail bond