हर नए मामले हेतु एक-पृष्ठ ब्रीफ
जब मुवक्किल आता है, अधिवक्ता हर बार वही विवरण लिखता है — पक्षकार कौन हैं, प्राथमिकी संख्या व थाना, लगाई गई धाराएँ, न्यायालय, अगली तिथि, व कुछ पंक्तियाँ तथ्य। यह टूल उसे एक बार पकड़ता है और एक स्वच्छ, प्रिंट-योग्य एक-पृष्ठ केस ब्रीफ बनाता है। यह मामले को सीधे आपके मैटर वर्कस्पेस में भी सहेजता है।
केस ब्रीफ में क्या होता है
ब्रीफ में मामला शीर्षक (पक्षकार), मुवक्किल का नाम, भूमिका (अभियुक्त, परिवादी, याची, प्रत्यर्थी) व फ़ोन, प्राथमिकी/अपराध संख्या थाना, जनपद व दिनांक सहित, अपराध धाराएँ (बीएनएस/बीएनएसएस), न्यायालय व चरण, अगली सुनवाई तिथि, व संक्षिप्त तथ्य होते हैं।
केस ब्रीफ बनाम प्राथमिकी प्रति बनाम केस डायरी
ये तीन अलग चीज़ें हैं। यहाँ केस ब्रीफ अधिवक्ता का अपना कार्य-सारांश है। प्राथमिकी प्रति आधिकारिक प्रथम सूचना रिपोर्ट है — एक सार्वजनिक दस्तावेज़ जिसे आप पुलिस या eCourts पोर्टल से डाउनलोड करते हैं (यह टूल उसे नहीं लाता)। केस डायरी बीएनएसएस की धारा 192 (पूर्व धारा 172 सीआरपीसी) के अंतर्गत पुलिस का गोपनीय अन्वेषण अभिलेख है — यह सार्वजनिक नहीं है व किसी पक्षकार को नहीं दिया जा सकता।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- क्या यह प्राथमिकी या केस डायरी लाता है?
- नहीं। यह आपके दर्ज विवरण से आपका अपना कार्य केस ब्रीफ बनाता है। प्राथमिकी एक सार्वजनिक दस्तावेज़ है जिसे आप आधिकारिक पोर्टल से डाउनलोड करते हैं; केस डायरी (धारा 192 बीएनएसएस) गोपनीय पुलिस अभिलेख है जो किसी पक्षकार को नहीं दिया जा सकता।
- क्या यह मुफ़्त है?
- हाँ — केस ब्रीफ PDF बनाना व डाउनलोड करना मुफ़्त है, बिना साइन-अप। मामले सहेजने हेतु खाता चाहिए (मुफ़्त खाते 3 मामले रखते हैं; प्रो असीमित)।